DECE-1: खंड 1 - बाल अनुरक्षण व विकास: परिचय
इकाई
1: बाल्यावस्था
के अनुभव (Childhood: The Experience of Childhood)
भाग
1: विस्तृत
और आसान नोट्स (Detailed Notes)
इस
इकाई का मुख्य सार यह है कि "बचपन"
(Childhood) दुनिया
के सभी बच्चों के लिए एक जैसा नहीं होता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि बच्चा
किस परिवार, किस समाज और किस
आर्थिक स्थिति में पैदा हुआ है।
1.
बाल्यावस्था: एक सामाजिक संरचना (Childhood
as a Social Construct)
- हम अक्सर सोचते हैं कि बचपन सिर्फ
एक उम्र (जैसे 0 से
12 साल) है। लेकिन IGNOU
की यह इकाई सिखाती है कि बचपन एक अनुभव है।
- उदाहरण:
- एक अमीर
घर का बच्चा खिलौनों से खेलता है और स्कूल जाता है।
- एक गरीब
किसान का बच्चा शायद 6 साल
की उम्र में ही बकरियां चराने लगता है।
- इसलिए,
बाल्यावस्था "सार्वभौमिक" (Universal)
नहीं है, यह अलग-अलग संदर्भों में अलग-अलग होती है।
2.
परिवार के प्रकार और बच्चे पर प्रभाव
बच्चा
सबसे पहले परिवार के संपर्क में आता है। परिवार दो तरह के होते हैं:
- संयुक्त परिवार
(Joint Family):
- संरचना: दादा-दादी, चाचा-चाची, और कजिन्स सब साथ रहते हैं।
- लाभ: बच्चे को हमेशा किसी न किसी की देखरेख मिलती है। बच्चा
मिलजुल कर रहना और चीजें बांटना (Sharing) जल्दी सीखता है।
- चुनौती: कभी-कभी बच्चे को माता-पिता का व्यक्तिगत समय (Individual
Attention) कम मिलता है। अनुशासन के नियम
अलग-अलग हो सकते हैं (दादा जी कुछ कह रहे हैं, पिता जी कुछ और)।
- एकल परिवार (Nuclear
Family):
- संरचना: केवल माता-पिता और उनके बच्चे।
- लाभ: माता-पिता और बच्चों का रिश्ता बहुत गहरा होता है।
बच्चे ज्यादा आत्मनिर्भर बनते हैं।
- चुनौती: अगर माता-पिता दोनों काम पर जाते हैं,
तो बच्चा अकेलापन महसूस कर सकता है। उसे
सामाजिक कौशल (Social Skills) सीखने के लिए बाहर के दोस्तों पर निर्भर रहना पड़ता है।
3.
समाजीकरण (Socialization)
- वह प्रक्रिया जिससे बच्चा अपने समाज
के नियम, तौर-तरीके,
भाषा और संस्कृति सीखता है, समाजीकरण कहलाती है।
- समाजीकरण के
माध्यम (Agents):
1.
परिवार (सबसे मुख्य)
2.
पड़ोस और रिश्तेदार
3.
स्कूल और दोस्त
- बच्चों में यह सिखाया जाता है कि
"बड़ों के पैर छूने हैं", "मेहमान को पानी देना है",
या "चोरी नहीं करनी है"।
4.
जेंडर (Gender) और
बाल्यावस्था
- लिंग (Sex) प्राकृतिक है (लड़का/लड़की),
लेकिन जेंडर (Gender) समाज बनाता है।
- भारतीय परिवारों में बाल्यावस्था के
अनुभव लड़के और लड़की के लिए अलग होते हैं:
- लड़कियों
से अपेक्षा की जाती है कि वे घर के काम सीखें, धीरे बोलें, और सहनशील बनें।
- लड़कों
को रोने से मना किया जाता है ("लड़के रोते नहीं") और उन्हें निडर
बनने को कहा जाता है।
- यह भेदभाव बच्चों के आत्मविश्वास पर
असर डालता है।
भाग
2: महत्वपूर्ण
प्रश्न एवं उत्तर (Important & PYQ)
(ये
प्रश्न पिछले 5 वर्षों
की परीक्षाओं के आधार पर चुने गए हैं)
प्रश्न
1: "बाल्यावस्था
हर बच्चे के लिए समान नहीं होती।" सोदाहरण व्याख्या कीजिए। (Very
Important)
उत्तर:
यह कथन सत्य है कि बाल्यावस्था सार्वभौमिक नहीं
है। यह निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करती है:
1.
सामाजिक-आर्थिक
स्थिति: एक गरीब
परिवार में बड़ी बहन को अपनी पढ़ाई छोड़कर छोटे भाई को संभालना पड़ सकता है,
जिससे उसका बचपन जल्दी खत्म हो जाता है। जबकि
मध्यम वर्गीय परिवार में बच्चे 20-22 साल
तक सिर्फ पढ़ाई करते हैं।
2.
संस्कृति: आदिवासी
क्षेत्रों में बच्चे बहुत कम उम्र में तीर-कमान चलाना या जंगल में रास्ता खोजना
सीख जाते हैं, जबकि शहर के बच्चे यह
नहीं जानते।
3.
लिंग: लड़कियों
को अक्सर बाहर खेलने की आजादी कम मिलती है, जिससे
उनका बाल्यावस्था का अनुभव लड़कों से अलग हो जाता है।
प्रश्न
2: बच्चे
के समाजीकरण में संयुक्त परिवार की भूमिका का वर्णन करें।
उत्तर:
संयुक्त परिवार बच्चे के समाजीकरण (Socialization)
के लिए एक बेहतरीन पाठशाला है:
- रिश्तों की समझ: बच्चा समझता है कि बड़ों का आदर कैसे करना है और छोटों
से प्यार कैसे करना है।
- सहयोग की भावना: बच्चा देखता है कि घर के काम सब मिलकर करते हैं,
तो वह भी सहयोग करना सीखता है।
- कहानियाँ और
परंपराएँ: दादा-दादी
कहानियों के माध्यम से बच्चे को धर्म, संस्कृति और नैतिकता सिखाते हैं।
- सुरक्षा: बच्चे को भावनात्मक रूप से सुरक्षित महसूस होता है
क्योंकि उसके पास हमेशा कोई न कोई होता है।
प्रश्न
3: जेंडर
(Gender) किस
प्रकार बाल्यावस्था के अनुभवों को प्रभावित करता है?
उत्तर:
जेंडर भेदभाव बच्चे के मन और विकास पर गहरा असर
डालता है:
1.
खेल: लड़कों
को क्रिकेट/कार और लड़कियों को घर-घर खेलने को कहा जाता है। इससे लड़कों का शारीरिक
विकास ज्यादा होता है।
2.
शिक्षा: कई
परिवारों में संसाधनों की कमी होने पर लड़कों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी जाती है।
3.
स्वतंत्रता: लड़कों
को घर से बाहर जाने की छूट होती है, जिससे
वे दुनिया को ज्यादा देख पाते हैं, जबकि
लड़कियों का दायरा घर तक सीमित रह जाता है।
प्रश्न
4: भाई-बहनों
(Siblings) के
आपसी रिश्ते बच्चे के विकास में क्या महत्व रखते हैं?
उत्तर:
भाई-बहनों का रिश्ता "प्यार और तकरार"
का होता है:
- झगड़े: जब भाई-बहन खिलौने के लिए लड़ते हैं,
तो वे अपनी बात रखना और अंत में समझौता
करना सीखते हैं।
- सुरक्षा: बड़े भाई-बहन छोटे बच्चे के लिए रक्षक (Protector)
और शिक्षक (Teacher)
की भूमिका निभाते हैं।
- प्रतिस्पर्धा: स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से बच्चे नई चीजें जल्दी सीखते
हैं।
भाग
3: 50 अति
आवश्यक वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Top 50 Objective
Questions for Unit 1)
खंड
A: परिवार
और समाज
1.
बच्चे की प्रथम
पाठशाला क्या है?
– परिवार
2.
बच्चे की प्रथम
शिक्षिका कौन होती है?
– माँ
3.
जिस परिवार में केवल
माता-पिता और उनके अविवाहित बच्चे हों, उसे
क्या कहते हैं? – एकल
परिवार (Nuclear Family)
4.
जिस परिवार में तीन
पीढ़ियां (दादा-दादी, माता-पिता,
बच्चे) साथ रहें, उसे
क्या कहते हैं? – संयुक्त
परिवार
5.
बच्चे के व्यक्तित्व
की नींव किस उम्र में पड़ती है? – बचपन
(शुरुआती 5-6 वर्ष)
6.
संयुक्त परिवार में
बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी किसकी होती है? – सभी
सदस्यों की सामूहिक रूप से
7.
एकल परिवार में बच्चे
का मुख्य साथी कौन होता है? – माता-पिता
या भाई-बहन
8.
किस प्रकार के परिवार
में बच्चे को 'एकांत'
(Privacy) ज्यादा मिलती है? – एकल
परिवार में
9.
किस परिवार में बच्चे
'समाजीकरण' जल्दी
सीखते हैं? – संयुक्त
परिवार में
10.
बच्चे के विकास को
प्रभावित करने वाला सबसे पहला बाहरी कारक (परिवार के बाद) क्या है?
– पड़ोस
खंड
B: बाल्यावस्था
की अवधारणा
11. क्या बाल्यावस्था पूरी दुनिया में एक जैसी होती
है? – नहीं (यह संदर्भ पर
निर्भर करती है)
12. "बाल्यावस्था एक सामाजिक
संरचना (Social Construct) है"
– यह कथन सत्य है या असत्य? – सत्य
13. ग्रामीण और शहरी बच्चों के बचपन में मुख्य अंतर
क्या है? – वातावरण
और अनुभव का
14. गरीबी का बच्चे के विकास पर सबसे बुरा असर क्या
पड़ता है? – कुपोषण
और शिक्षा की कमी
15. बचपन की अवधि आमतौर पर कब तक मानी जाती है?
– 0 से 12
वर्ष
16. "बच्चा कोरी स्लेट (Tabula
Rasa) है" – इसका क्या अर्थ है?
– बच्चे का मन साफ होता है,
अनुभव उस पर लिखते हैं
17. ICDS का पूर्ण रूप क्या है?
– Integrated Child Development Services (समेकित
बाल विकास सेवाएँ)
18. भारत में बाल विवाह अब भी एक समस्या है,
यह बच्चे के किस अधिकार का हनन है?
– विकास और सुरक्षा के अधिकार का
19. बाल श्रम (Child Labor) बच्चे
से क्या छीन लेता है? – उसका
बचपन और शिक्षा
20. बच्चे की "अनुकूलन
क्षमता" (Adaptability) बड़ों
की तुलना में कैसी होती है? – अधिक
होती है
खंड
C: जेंडर
और पालन-पोषण
21. 'लिंग' (Sex) क्या
है? – जैविक (Biologial)
पहचान (नर/मादा)
22. 'जेंडर' (Gender) क्या
है? – सामाजिक पहचान
(स्त्री/पुरुष की भूमिका)
23. "लड़के रोते नहीं" यह क्या है?
– लैंगिक रूढ़िवादिता (Gender
Stereotype)
24. "लड़कियाँ पराया धन हैं" – यह सोच बच्चे पर
क्या असर डालती है? – हीन
भावना और असुरक्षा
25. माता-पिता द्वारा लड़के और लड़की में भेदभाव करना
क्या कहलाता है? – लैंगिक
पक्षपात (Gender Bias)
26. क्या खिलौनों का कोई जेंडर होता है?
– नहीं, यह
समाज तय करता है
27. बच्चे अपनी लैंगिक पहचान (कि मैं लड़का हूँ या
लड़की) किस उम्र तक समझने लगते हैं? – लगभग
3 वर्ष
तक
28. पितृसत्तात्मक (Patriarchal) परिवार
का मुखिया कौन होता है? – पिता
या घर का सबसे बड़ा पुरुष
29. मातृसत्तात्मक परिवार का मुखिया कौन होती है?
– माता
30. एक शिक्षक के रूप में आपको कक्षा में लड़के-लड़की
को कैसे बैठाना चाहिए? – बिना
किसी भेदभाव के एक साथ
खंड
D: समाजीकरण
(Socialization)
31. समाजीकरण की प्रक्रिया कब शुरू होती है?
– जन्म के तुरंत बाद
32. समाजीकरण की प्रक्रिया कब खत्म होती है?
– कभी नहीं (जीवनपर्यंत चलती है)
33. बच्चा अपनी संस्कृति (त्यौहार,
रीति-रिवाज) कैसे सीखता है?
– अनुकरण (Imitation) द्वारा
34. बच्चे के समाजीकरण में 'पुरस्कार'
(Reward) का क्या काम है? – अच्छे
व्यवहार को प्रोत्साहित करना
35. बच्चे के समाजीकरण में 'दंड'
(Punishment) का क्या असर हो सकता है?
– बच्चा जिद्दी या डरा हुआ बन सकता है
36. सहोदर (Siblings) किसे
कहते हैं? – सगे
भाई-बहनों को
37. सहोदर प्रतिद्वंद्विता (Sibling
Rivalry) क्या है? – भाई-बहनों
के बीच ईर्ष्या या होड़
38. क्या भाई-बहनों की लड़ाई बच्चे के लिए बुरी है?
– नहीं, यदि
यह सीमित हो, तो
यह सामाजिक कौशल सिखाती है
39. "हम की भावना" (We-feeling)
किस समूह में विकसित होती है?
– परिवार और खेल समूह में
40. विद्यालय बच्चे के किस प्रकार के विकास में
मुख्य भूमिका निभाता है? – संज्ञानात्मक
और सामाजिक विकास
खंड
E: विविध
महत्वपूर्ण तथ्य
41. बच्चे सबसे ज्यादा किससे सीखते हैं?
– बड़ों को देखकर (Role
Modelling)
42. अगर माता-पिता बहुत सख्त (Strict)
हैं, तो
बच्चा कैसा बन सकता है? – विद्रोही
या बहुत दब्बू
43. अगर माता-पिता बहुत ढील (Permissive)
देते हैं, तो
बच्चा कैसा बनेगा? – अनुशासनहीन
44. पालन-पोषण की सबसे अच्छी शैली (Style)
कौन सी है? – लोकतांत्रिक
(Democratic) - जहाँ
प्यार और नियम दोनों हों
45. भारत में 'बाल
अधिकार' (Child Rights) के
लिए काम करने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था कौन सी है? – UNICEF
46. "बच्चे का जन्म एक कोरे कागज की तरह होता
है" यह किसने कहा था? – जॉन
लॉक
47. बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित वातावरण कौन सा है?
– स्नेहपूर्ण घर
48. क्या काम करने वाली माँ (Working
Mother) का बच्चा पिछड़ जाता है?
– नहीं, यदि
उसे गुणवत्तापूर्ण समय (Quality Time) मिले
49. क्रैच (Creche) की
आवश्यकता किन परिवारों को होती है? – जहाँ
माता-पिता दोनों नौकरी करते हैं
50. DECE कोर्स का उद्देश्य क्या है?
– बच्चों की देखभाल और शिक्षा के लिए कुशल शिक्षक
तैयार करना
DECE-1:
खंड 1 - इकाई
2
विषय: बाल विकास की मूलभूत संकल्पनाएं
भाग
1: विस्तृत
और सरल नोट्स (Detailed Notes)
इस
इकाई में तीन मुख्य बातों को समझना है: वृद्धि
बनाम विकास, विकास
के क्षेत्र, और विकास
की अवस्थाएँ।
1.
वृद्धि (Growth) और
विकास (Development) का
अर्थ
अक्सर
हम इन दोनों शब्दों को एक ही मानते हैं, लेकिन
मनोविज्ञान में इनका अर्थ अलग है।
- वृद्धि (Growth):
- इसका
संबंध शरीर के आकार
और भार के
बढ़ने से है।
- जैसे:
बच्चे की लंबाई बढ़ना, वजन
बढ़ना, हाथ-पैर
बड़े होना।
- यह मात्रात्मक (Quantitative) होती है (इसे इंच या किलो में नापा जा सकता है)।
- यह एक
निश्चित उम्र (लगभग 18-20 वर्ष)
के बाद रुक जाती है।
- विकास (Development):
- इसका
संबंध क्षमता,
कौशल और व्यवहार में सुधार से है।
- जैसे:
बच्चे का घुटनों के बल चलना, बोलना सीखना, याद रखना।
- यह गुणात्मक (Qualitative) होता है (इसे महसूस किया जा सकता है,
नापा नहीं जा सकता)।
- यह निरंतर (Continuous) चलता है (गर्भ से मृत्यु तक)।
2.
विकास के क्षेत्र (Domains
of Development)
बच्चे
का विकास टुकड़ों में नहीं होता, लेकिन
समझने के लिए हम इसे 5 क्षेत्रों
में बांटते हैं:
1.
शारीरिक विकास (Physical
Development): शरीर का बढ़ना,
ऊँचाई, वजन,
और स्वास्थ्य।
2.
क्रियात्मक/गत्यात्मक
विकास (Motor Development): शरीर
की मांसपेशियों का उपयोग करना। इसके दो भाग हैं:
o
स्थूल क्रियात्मक (Gross
Motor): बड़ी
मांसपेशियों का उपयोग (दौड़ना, कूदना,
बैठना)।
o
सूक्ष्म क्रियात्मक (Fine
Motor): छोटी
मांसपेशियों का उपयोग (लिखना, चित्र
बनाना, मोती पिरोना)।
3.
संज्ञानात्मक विकास (Cognitive
Development): मानसिक क्षमता
का विकास। (सोचना, तर्क करना,
याद रखना, समस्या
सुलझाना)।
4.
भाषाई विकास (Language
Development): भाषा को समझना
और बोलना। (रोने से लेकर वाक्य बोलने तक का सफर)।
5.
सामाजिक-संवेगात्मक
विकास (Social-Emotional Development): दूसरों
के साथ रिश्ते बनाना (सामाजिक) और अपनी भावनाओं को समझना/संभालना (संवेगात्मक)।
3.
विकास की अवस्थाएँ (Stages
of Development)
मानव
जीवन को अलग-अलग चरणों में बांटा गया है:
1.
प्रसवपूर्व अवस्था (Prenatal): गर्भधारण
से जन्म तक (9 महीने)।
2.
शैशवावस्था (Infancy): जन्म
से 2 वर्ष तक। (बच्चा पूरी तरह दूसरों पर
निर्भर होता है)।
3.
प्रारंभिक
बाल्यावस्था (Early Childhood): 2
से 6 वर्ष
तक। (इसे 'प्ले स्कूल एज'
या 'खिलौनों
की उम्र' भी कहते हैं। DECE
कोर्स मुख्य रूप से इसी पर केंद्रित है)।
4.
मध्य बाल्यावस्था (Middle
Childhood): 6 से 12
वर्ष तक (स्कूली उम्र)।
5.
किशोरावस्था (Adolescence): 12
से 18 वर्ष
तक।
भाग
2: महत्वपूर्ण
प्रश्न एवं उत्तर (Subjective Q&A)
(ये
प्रश्न पिछले वर्षों के पेपर्स में सबसे ज्यादा बार पूछे गए हैं)
प्रश्न
1: वृद्धि
और विकास में अंतर स्पष्ट कीजिए। (Most Important -
V.Imp)
उत्तर:
| आधार | वृद्धि
(Growth) | विकास (Development)
|
| :--- | :--- | :--- |
| अर्थ | शारीरिक
आकार/भार का बढ़ना। | कार्यक्षमता और
व्यवहार में सुधार। |
| मापन | इसे
नापा/तौला जा सकता है (Quantitative)।
| इसका केवल अवलोकन किया जा सकता है (Qualitative)।
|
| निरंतरता | परिपक्वता
(18-20 वर्ष) पर रुक जाती
है। | गर्भ से मृत्यु तक निरंतर चलता है। |
| संबंध | यह
विकास का एक हिस्सा है। | यह
एक व्यापक शब्द है, वृद्धि इसमें शामिल
है। |
| उदाहरण | ऊँचाई
का बढ़ना। | बुद्धि का बढ़ना या
भाषा सीखना। |
प्रश्न
2: स्थूल
क्रियात्मक विकास और सूक्ष्म क्रियात्मक विकास में क्या अंतर है?
उदाहरण सहित समझाएं।
उत्तर:
- स्थूल
क्रियात्मक विकास (Gross Motor):
- इसमें
शरीर की बड़ी
मांसपेशियों (हाथ,
पैर, धड़) का उपयोग होता है।
- उदाहरण: घुटनों के बल चलना, खड़े होना, दौड़ना, कूदना, गेंद फेंकना।
- सूक्ष्म
क्रियात्मक विकास (Fine Motor):
- इसमें
शरीर की छोटी
मांसपेशियों (खासकर
उंगलियों और आँखों के तालमेल) का उपयोग होता है।
- उदाहरण: पेंसिल पकड़ना, बटन लगाना, सुई में धागा डालना, कैंची से कागज काटना, रंग भरना।
प्रश्न
3: विकास
के विभिन्न क्षेत्र एक-दूसरे से किस प्रकार जुड़े हुए हैं?
उत्तर:
विकास के सभी क्षेत्र (शारीरिक,
मानसिक, सामाजिक)
आपस में गुंथे हुए हैं। एक क्षेत्र में होने वाला बदलाव दूसरे को प्रभावित करता
है।
- उदाहरण: यदि कोई बच्चा शारीरिक रूप से कमजोर या बीमार है
(शारीरिक विकास), तो
वह खेल में भाग नहीं ले पाएगा। इससे वह दोस्तों से दूर हो जाएगा (सामाजिक
विकास प्रभावित) और उसका आत्मविश्वास कम हो जाएगा (संवेगात्मक विकास
प्रभावित)। अंततः वह स्कूल में भी पीछे रह सकता है (संज्ञानात्मक विकास
प्रभावित)।
- अतः बच्चे को 'संपूर्ण' (Whole child)
के रूप में देखना चाहिए।
भाग
3: 50 अति
आवश्यक वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Top 50 One-Liners)
खंड
A: वृद्धि
और विकास की परिभाषा
1.
शरीर के अंगों के
आकार में बढ़ोतरी को क्या कहते हैं? – वृद्धि
2.
"विकास"
किस प्रकार का परिवर्तन है? – गुणात्मक
(Qualitative)
3.
"वृद्धि"
किस प्रकार का परिवर्तन है? – मात्रात्मक
(Quantitative)
4.
कौन सी प्रक्रिया
जीवन भर चलती है? – विकास
5.
कौन सी प्रक्रिया एक
उम्र के बाद रुक जाती है? – वृद्धि
6.
क्या विकास में
वृद्धि शामिल है? – हाँ
7.
परिपक्वता (Maturation)
का संबंध किससे है?
– आनुवंशिक (Biological)
विकास से
8.
सीखना (Learning)
किस पर निर्भर करता है?
– अनुभव और अभ्यास पर
9.
विकास किसका परिणाम
है? – परिपक्वता और सीखने (Learning)
का
10.
बच्चे के व्यवहार में
होने वाले प्रगतिशील परिवर्तनों को क्या कहते हैं? – विकास
खंड
B: विकास
के क्षेत्र (Domains)
11. बच्चे का वजन बढ़ना किस विकास का सूचक है?
– शारीरिक विकास
12. लिखना और चित्र बनाना किस विकास के अंतर्गत आता
है? – सूक्ष्म क्रियात्मक (Fine
Motor)
13. दौड़ना और सीढ़ी चढ़ना किस विकास का उदाहरण है?
– स्थूल क्रियात्मक (Gross
Motor)
14. सोचना, याद
रखना और तर्क करना कौन सा विकास है? – संज्ञानात्मक
(Cognitive)
15. भाषा का विकास किस बड़े विकास क्षेत्र का हिस्सा
माना जाता है? – संज्ञानात्मक
विकास का
16. अपनी भावनाओं (हँसना,
रोना) को नियंत्रित करना क्या है?
– संवेगात्मक विकास
17. दूसरों के साथ मिलजुल कर खेलना क्या दर्शाता है?
– सामाजिक विकास
18. पहेली (Puzzle) सुलझाना
किसका उदाहरण है? – संज्ञानात्मक
विकास
19. शर्ट के बटन बंद करना कैसी कौशल है?
– सूक्ष्म क्रियात्मक
20. नवजात शिशु का अपनी माँ को पहचानना किस विकास की
शुरुआत है? – सामाजिक-संवेगात्मक
खंड
C: विकास
की अवस्थाएँ (Stages)
21. प्रसवपूर्व अवस्था (Prenatal)
की अवधि क्या है? – गर्भधारण
से जन्म तक (लगभग 9 माह/280
दिन)
22. शैशवावस्था (Infancy) कब
तक मानी जाती है? – जन्म
से 2 वर्ष
23. प्रारंभिक बाल्यावस्था (Early
Childhood) की उम्र क्या है?
– 2 से 6
वर्ष
24. DECE कोर्स किस आयु वर्ग पर केंद्रित है?
– जन्म से 6 वर्ष
25. "स्कूल जाने की पूर्व आयु" (Pre-school
age) किसे कहते हैं? – प्रारंभिक
बाल्यावस्था (2-6 वर्ष)
26. "गैंग एज" (Gang Age/टोली
की उम्र) किसे कहते हैं? – मध्य
बाल्यावस्था (6-12 वर्ष)
27. किशोरावस्था को "तूफान और तनाव की
अवस्था" किसने कहा? – स्टेनले
हॉल ने
28. भाषा विकास सबसे तेजी से किस अवस्था में होता है?
– प्रारंभिक बाल्यावस्था (2-6
वर्ष)
29. बच्चे में जिज्ञासा (Curiosity)
सबसे ज्यादा कब होती है?
– प्रारंभिक बाल्यावस्था में
30. शारीरिक विकास की गति सबसे तेज कब होती है?
– शैशवावस्था (Infancy)
में
खंड
D: क्रियात्मक
विकास (Motor Skills)
31. बच्चा पहले सिर संभालता है या चलना सीखता है?
– सिर संभालता है
32. उंगलियों का इस्तेमाल करने से पहले बच्चा किसका
इस्तेमाल करता है? – पूरी
हथेली का
33. नवजात शिशु का रोना क्या है?
– संवेगों की अभिव्यक्ति और भाषा की शुरुआत
34. प्रतिवर्त (Reflexes) क्या
होते हैं? – जन्मजात
स्वचालित क्रियाएं (जैसे चूसना, पलक
झपकना)
35. क्या सभी बच्चे ठीक एक ही उम्र में चलना सीखते
हैं? – नहीं (व्यक्तिगत
भिन्नता होती है)
36. हँसना एक सामाजिक क्रिया कब बनती है?
– लगभग 3 महीने
की उम्र में (Social Smile)
37. "वस्तु स्थायित्व" (Object
Permanence) किस विकास से जुड़ा है?
– संज्ञानात्मक (बच्चा समझता है कि जो चीज़ नहीं
दिख रही, वह
भी मौजूद है)
38. "मैं" और "मेरा" की भावना किस
उम्र में आती है? – लगभग
2-3 वर्ष
में
39. बच्चे का पहला "सामाजिक दायरा" कौन
होता है? – माता-पिता
40. खेल (Play) बच्चे
के लिए क्यों जरूरी है? – सर्वांगीण
विकास के लिए
खंड
E: सत्य/असत्य
एवं अन्य तथ्य
41. क्या विकास के सभी पहलू (शारीरिक,
मानसिक) परस्पर संबंधित हैं?
– हाँ
42. क्या कुपोषण का असर बच्चे के दिमाग पर पड़ता है?
– हाँ (संज्ञानात्मक विकास धीमा हो सकता है)
43. "इंद्रिय-गामक अवस्था" (Sensory
Motor Stage) किस आयु वर्ग के लिए है?
– 0-2 वर्ष (पियाजे के अनुसार)
44. क्या विकास भविष्यवाणी योग्य है?
– हाँ, काफी
हद तक
45. बच्चा पहले 'सामान्य'
क्रिया करता है या 'विशिष्ट'?
– सामान्य (General)
46. आनुवंशिकता (Heredity) क्या
तय करती है? – विकास
की सीमाएँ (संभावनाएँ)
47. वातावरण (Environment) क्या
तय करता है? – कि
बच्चा उन सीमाओं में कहाँ तक पहुँचेगा
48. विकास कैसा होता है - रेखीय (Linear)
या वर्तुलाकार (Spiral)?
– वर्तुलाकार (Spiral)
49. छोटे बच्चों के सीखने का सबसे अच्छा तरीका क्या
है? – खेल विधि (Play
Way)
50. DECE का पूरा नाम क्या है?
– Diploma in Early Childhood Care and Education
DECE-1:
खंड 1
विषय:
विकास के सिद्धांत (Principles of Development)
भाग
1: विस्तृत
और सरल नोट्स (Detailed Notes)
विकास
अचानक या बिना किसी नियम के नहीं होता। यह कुछ निश्चित नियमों का पालन करता है,
जिन्हें 'विकास
के सिद्धांत' कहते हैं। ये
सिद्धांत हमें यह समझने में मदद करते हैं कि बच्चे कैसे बढ़ते और सीखते हैं।
1.
विकास की निश्चित दिशा का सिद्धांत (Direction
of Development)
विकास
दो मुख्य दिशाओं में होता है। यह सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत है:
- A. शीर्षगामी
सिद्धांत (Cephalocaudal / सिर से पैर की ओर):
- विकास
सिर से शुरू होकर पैरों की तरफ बढ़ता है।
- उदाहरण: बच्चा पहले अपना सिर संभालना सीखता है, फिर पीठ (बैठना), और सबसे अंत में पैरों पर खड़ा होता है।
- B. अधोगामी
/ समीप-दूराभिमुख सिद्धांत (Proximodistal /
केंद्र से बाहर की ओर):
- विकास
शरीर के बीच (रीढ़ की हड्डी) से शुरू होकर बाहर (हाथ-पैर) की तरफ होता है।
- उदाहरण: बच्चा पहले अपने पूरे हाथ/बांह को हिलाता है, फिर हथेली का उपयोग करता है, और अंत में उंगलियों से चीजें पकड़ता है।
2.
विकास सामान्य से विशिष्ट की ओर होता है (General
to Specific)
- बच्चा पहले किसी काम को करने के लिए
पूरे शरीर का इस्तेमाल करता है (सामान्य क्रिया),
बाद में वह केवल जरूरी अंग का इस्तेमाल
करता है (विशिष्ट क्रिया)।
- उदाहरण: जब छोटे बच्चे को कोई खिलौना चाहिए होता है,
तो वह पूरे शरीर से उस पर झपटता है। बड़ा
होने पर वह केवल हाथ बढ़ाकर उसे उठा लेता है।
3.
विकास निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है (Principle
of Continuity)
- विकास कभी नहीं रुकता। यह गर्भधारण
से शुरू होकर मृत्यु तक चलता रहता है।
- कभी इसकी गति तेज होती है (बचपन
में), कभी धीमी,
लेकिन यह रुकता नहीं है।
4.
व्यक्तिगत भिन्नता का सिद्धांत (Individual
Differences)
- सभी बच्चों में विकास का क्रम (Sequence)
तो एक जैसा होता है (पहले बैठना,
फिर चलना), लेकिन विकास की गति (Speed) अलग-अलग होती है।
- उदाहरण: कोई बच्चा 10 महीने में चलने लगता है, तो कोई 14 महीने में। दोनों सामान्य हैं।
5.
विकास अंतःक्रिया का परिणाम है (Interaction
of Heredity and Environment)
- बच्चे का विकास केवल जीन्स
(माता-पिता) या केवल माहौल से नहीं होता। यह दोनों के मिलन से होता है।
- सूत्र: विकास = आनुवंशिकता × वातावरण।
6.
एकीकरण का सिद्धांत (Principle
of Integration)
- बच्चा पहले अंगों को अलग-अलग चलाना
सीखता है, फिर
उनमें तालमेल (Coordination) बिठाता है।
- उदाहरण: साइकिल चलाते समय हाथ, पैर और आँखों का एक साथ इस्तेमाल करना।
भाग
2: महत्वपूर्ण
प्रश्न एवं उत्तर (PYQ - Subjective)
(ये
प्रश्न परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं)
प्रश्न
1: विकास
की दिशा के सिद्धांतों (शीर्षगामी और अधोगामी) को उदाहरण सहित समझाइए। (Most
Important)
उत्तर:
विकास दिशाहीन नहीं होता,
यह दो निश्चित दिशाओं का पालन करता है:
1.
शीर्षगामी (Cephalocaudal
- सिर से पैर): इसका
अर्थ है कि विकास सिर से शुरू होकर नीचे की ओर जाता है। गर्भ में भी पहले सिर
विकसित होता है। जन्म के बाद बच्चा पहले सिर पर नियंत्रण करता है,
फिर धड़ पर और अंत में पैरों पर। इसीलिए बच्चा
चलने से पहले बैठना सीखता है।
2.
अधोगामी (Proximodistal
- केंद्र से बाहर): विकास
शरीर के मध्य भाग से शुरू होकर सिरों (Extremities) की
ओर बढ़ता है। यानी रीढ़ की हड्डी के पास के अंग पहले नियंत्रित होते हैं। बच्चा
उंगलियों का उपयोग सीखने से पहले बांहों का उपयोग करना सीखता है।
प्रश्न
2: "विकास
सामान्य से विशिष्ट की ओर होता है।" इस कथन की व्याख्या करें।
उत्तर:
बच्चे की प्रतिक्रियाएं शुरू में बहुत सामान्य
और उलझी हुई होती हैं। धीरे-धीरे वे सटीक और विशिष्ट हो जाती हैं।
- उदाहरण
(पकड़ना): एक
शिशु के सामने गेंद रखें, तो
वह उसे पकड़ने के लिए दोनों हाथों और शरीर का इस्तेमाल करेगा (सामान्य)। बड़ा
होने पर वह केवल उंगलियों से उसे पकड़ लेगा (विशिष्ट)।
- उदाहरण (रोना): शुरू में बच्चा भूख, दर्द या गीला होने पर एक जैसा रोता है। बाद में वह भूख
के लिए अलग और दर्द के लिए अलग तरह से रोता है या बोलकर बताता है।
प्रश्न
3: व्यक्तिगत
भिन्नता (Individual Differences) का
ज्ञान एक शिक्षक/माता-पिता के लिए क्यों जरूरी है?
उत्तर:
यह ज्ञान इसलिए जरूरी है ताकि:
1.
हम बच्चों की तुलना
न करें (जैसे-
"शर्मा जी का बेटा तो चलने लगा, तुम
क्यों नहीं?")।
2.
हम समझ सकें कि हर
बच्चे की सीखने की गति अलग है।
3.
हम उन बच्चों की
पहचान कर सकें जो विकास में बहुत ज्यादा पिछड़ रहे हैं और जिन्हें डॉक्टर की जरूरत
है।
4.
माता-पिता अनावश्यक
चिंता न करें।
भाग
3: 50 अति
आवश्यक वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Top 50 One-Liners)
खंड
A: विकास
की दिशा (Direction)
1.
विकास की दिशा कैसी
होती है? – निश्चित
(Fixed)
2.
'सिर से पैर की
ओर' विकास को क्या कहते हैं?
– शीर्षगामी (Cephalocaudal)
3.
'केंद्र से
बाहर की ओर' विकास को क्या कहते
हैं? – अधोगामी (Proximodistal)
4.
बच्चा पहले सिर
संभालता है या पैर? – सिर
5.
रीढ़ की हड्डी का
नियंत्रण उंगलियों से पहले होता है, यह
कौन सा सिद्धांत है? – अधोगामी
(Proximodistal)
6.
गर्भ में सबसे पहले
किस अंग का विकास होता है? – सिर
का
7.
बच्चा पहले पूरी बांह
चलाता है, फिर उंगलियां - यह
क्या दर्शाता है? – केंद्र
से बाहर का विकास
8.
क्या विकास पैरों से
सिर की ओर हो सकता है? – नहीं
9.
बालक के चलने की
प्रक्रिया किस सिद्धांत का पालन करती है? – शीर्षगामी
(क्योंकि पैरों का नियंत्रण अंत में आता है)
10.
सुई में धागा डालना
किस विकास दिशा का अंतिम चरण है? – अधोगामी
(उंगलियों का सूक्ष्म नियंत्रण)
खंड
B: क्रम
और गति (Sequence and Speed)
11. "विकास एक निश्चित क्रम (Sequence)
में होता है" - यह सत्य है या असत्य?
– सत्य
12. "विकास की गति (Speed) सभी
में समान होती है" - यह सत्य है या असत्य? – असत्य
(यह अलग-अलग होती है)
13. पहले 'बैठना'
फिर 'चलना'
- यह क्या है? – विकास
का क्रम
14. दो जुड़वां बच्चों का अलग-अलग समय पर बोलना
सीखना क्या कहलाता है? – व्यक्तिगत
भिन्नता
15. विकास लंबवत (सीधा) न होकर कैसा होता है?
– वर्तुलाकार (Spiral)
16. विकास सामान्य से _______
की ओर होता है। – विशिष्ट
(Specific)
17. बच्चा पहले 'बड़बड़ाता'
है फिर 'शब्द'
बोलता है, यह
क्या है? – निश्चित
क्रम
18. क्या विकास के किसी चरण को लांघा (Skip)
जा सकता है? – नहीं
(सामान्यतः नहीं)
19. विकास की भविष्यवाणी (Prediction)
संभव है या नहीं? – संभव
है (सिद्धांतों के आधार पर)
20. विकास कब रुकता है?
– कभी नहीं (निरंतर चलता है)
खंड
C: आनुवंशिकता
और वातावरण
21. बच्चे की आँखों का रंग किस पर निर्भर करता है?
– आनुवंशिकता (Heredity)
पर
22. बच्चे को कैसा पोषण और शिक्षा मिली,
यह किसका हिस्सा है?
– वातावरण (Environment) का
23. विकास किसका उत्पाद (Product)
है? – आनुवंशिकता
और वातावरण की अंतःक्रिया का
24. "प्रकृति बनाम पोषण" (Nature
vs Nurture) में 'प्रकृति'
क्या है? – आनुवंशिकता
25. "प्रकृति बनाम पोषण" में 'पोषण'
क्या है? – वातावरण
26. बच्चे की क्षमता (Potential)
कौन तय करता है? – आनुवंशिकता
27. उस क्षमता को निखारता कौन है?
– वातावरण
28. क्या केवल अच्छे स्कूल में भेजने से बच्चे का
विकास हो जाएगा? – नहीं,
घर का माहौल भी जरूरी है
29. समान जुड़वां बच्चे (Identical
Twins) अलग व्यवहार क्यों करते हैं?
– वातावरण में अंतर के कारण
30. विकास के लिए कौन ज्यादा जरूरी है - वंश या
वातावरण? – दोनों
समान रूप से जरूरी हैं
खंड
D: एकीकरण
और अन्य सिद्धांत
31. अलग-अलग अंगों को साथ में इस्तेमाल करना क्या
कहलाता है? – एकीकरण
(Integration)
32. साइकिल चलाना किस सिद्धांत का सबसे अच्छा उदाहरण
है? – एकीकरण का
33. क्या विकास के सभी क्षेत्र (शारीरिक,
मानसिक) आपस में जुड़े हैं?
– हाँ, परस्पर
संबंध का सिद्धांत
34. "क्रांतिक अवधि" (Critical
Period) क्या है? – वह
समय जब बच्चा कोई कौशल सबसे तेजी से सीख सकता है
35. भाषा सीखने के लिए क्रांतिक अवधि कौन सी है?
– बचपन (2-6 वर्ष)
36. क्या बीमारी विकास को प्रभावित कर सकती है?
– हाँ, अस्थायी
रूप से गति धीमी हो सकती है
37. क्या विकास में लिंग भेद (लड़का/लड़की) का प्रभाव
पड़ता है? – हाँ,
शारीरिक विकास में थोड़ा अंतर होता है
38. लड़कियां लड़कों की तुलना में जल्दी परिपक्व (Mature)
होती हैं - सत्य/असत्य?
– सत्य
39. विकास अचानक होता है या धीरे-धीरे?
– धीरे-धीरे (क्रमिक)
40. "परिपक्वता" (Maturation)
मुख्य रूप से किससे जुड़ी है?
– शारीरिक और जैविक विकास से
खंड
E: व्यावहारिक
प्रश्न (Application Based)
41. एक शिक्षक को यह क्यों पता होना चाहिए कि 'विकास
सामान्य से विशिष्ट होता है'? – ताकि
वह पहले सरल चीजें सिखाए, फिर
जटिल
42. अगर 15 महीने
का बच्चा चल नहीं रहा, तो
क्या यह असामान्य है? – जरूरी
नहीं, यह
व्यक्तिगत भिन्नता हो सकती है
43. DECE का छात्र होने के नाते आप किस पर ज्यादा जोर
देंगे - रटाने पर या खेल द्वारा सिखाने पर? – खेल
द्वारा (विकास के सिद्धांतों के अनुसार)
44. बच्चे का भावनात्मक विकास खराब होने पर क्या
पढ़ाई पर असर पड़ेगा? – हाँ
(परस्पर संबंध का सिद्धांत)
45. बच्चे को जबरदस्ती जल्दी चलना सिखाना चाहिए?
– नहीं, परिपक्वता
का इंतज़ार करना चाहिए
46. विकास का कौन सा सिद्धांत बताता है कि बच्चे
रोबोट नहीं हैं? – व्यक्तिगत
भिन्नता का सिद्धांत
47. हाथ और आँखों का समन्वय (Eye-hand
coordination) किस उम्र में बेहतर होता है?
– धीरे-धीरे अभ्यास और उम्र के साथ
48. विकास के सिद्धांत किसने दिए?
– विभिन्न मनोवैज्ञानिकों ने (जैसे पियाजे,
फ्रायड आदि)
49. क्या विकास को वापस लौटाया जा सकता है (Reversible)?
– नहीं
50. शिक्षा का उद्देश्य क्या होना चाहिए?
– बच्चे का सर्वांगीण (All-round)
विकास
DECE-1:
खंड 1 - इकाई
4
विषय:
बच्चों की आवश्यकताएं और अधिकार
भाग
1: विस्तृत
और सरल नोट्स (Detailed Notes)
बच्चों
को बड़ों की तुलना में विशेष देखभाल की जरूरत होती है क्योंकि वे खुद अपनी देखभाल
नहीं कर सकते। इस इकाई को दो भागों में बांटा गया है: आवश्यकताएं और अधिकार।
1.
बच्चों की मूलभूत आवश्यकताएं (Basic
Needs of Children)
बच्चे
के सर्वांगीण विकास के लिए केवल खाना-पानी काफी नहीं है। उनकी आवश्यकताओं को 3
श्रेणियों में बांटा जा सकता है:
- क. शारीरिक
आवश्यकताएं (Physical Needs):
- ये 'जिंदा रहने' के लिए जरूरी हैं।
- भोजन: पौष्टिक और संतुलित आहार।
- स्वास्थ्य: टीकाकरण, बीमारी में इलाज, साफ-सफाई।
- आश्रय: रहने के लिए सुरक्षित घर और कपड़े।
- नींद
और आराम: शारीरिक
वृद्धि के लिए।
- ख. सामाजिक और
संवेगात्मक आवश्यकताएं (Social &
Emotional Needs):
- ये
बच्चे के 'मन और
दिल' के लिए
जरूरी हैं।
- प्यार
और सुरक्षा: बच्चे
को यह महसूस होना चाहिए कि कोई उसे प्यार करता है। इससे उसमें आत्मविश्वास
आता है।
- स्वीकृति: बच्चे को जैसा है वैसा स्वीकार करना (तुलना न करना)।
- प्रोत्साहन: अच्छा काम करने पर तारीफ मिलना।
- ग.
संज्ञानात्मक/मानसिक आवश्यकताएं (Cognitive
Needs):
- ये 'दिमाग' के विकास के लिए हैं।
- उद्दीपन
(Stimulation): बच्चे से बातें करना, उसे खिलौने देना, कहानियाँ सुनाना।
- खेल: खेल के माध्यम से बच्चा दुनिया को सीखता है।
- अन्वेषण
(Exploration): नई चीजों को छूने और जानने की आजादी।
2.
बच्चों के अधिकार (Rights
of Children)
जब
समाज या कानून यह मानता है कि बच्चों की जरूरतों को पूरा करना बड़ों की मर्जी नहीं
बल्कि कानूनी जिम्मेदारी है,
तो वे "अधिकार" बन जाते हैं।
संयुक्त
राष्ट्र बाल अधिकार समझौता (UNCRC - 1989):
संयुक्त राष्ट्र ने बच्चों के अधिकारों को 4
मुख्य भागों में बांटा है:
1.
उत्तरजीविता का
अधिकार (Right to Survival):
o
जीने का अधिकार।
o
अच्छा भोजन,
स्वास्थ्य सेवाएँ और पहचान (नाम/नागरिकता) पाने
का अधिकार।
2.
संरक्षण/सुरक्षा का
अधिकार (Right to Protection):
o
शोषण,
भेदभाव, बाल
श्रम, और हिंसा से बचाव।
o
अनाथ होने या युद्ध
की स्थिति में सुरक्षा।
3.
विकास का अधिकार (Right
to Development):
o
शिक्षा (Education)
पाने का अधिकार।
o
खेलने और मनोरंजन का
अधिकार।
o
अपनी क्षमता को
निखारने का अधिकार।
4.
सहभागिता का अधिकार (Right
to Participation):
o
अपनी बात कहने का
अधिकार।
o
उन फैसलों में शामिल
होना जो बच्चे के जीवन को प्रभावित करते हैं।
भाग
2: महत्वपूर्ण
प्रश्न एवं उत्तर (PYQ - Subjective)
(परीक्षा
के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न)
प्रश्न
1: बच्चों
की मूलभूत आवश्यकताओं का वर्णन करें। संवेगात्मक आवश्यकताएं क्यों महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर:
बच्चों की मूलभूत आवश्यकताएं निम्नलिखित हैं:
1.
शारीरिक: भोजन,
पानी, आवास,
कपड़े, स्वास्थ्य।
2.
संवेगात्मक: प्रेम,
सुरक्षा, अपनत्व।
3.
बौद्धिक: सीखने
के अवसर, खेल,
जिज्ञासा शांत करना।
संवेगात्मक
आवश्यकताओं का महत्व:
यदि बच्चे को भरपेट खाना मिले लेकिन माता-पिता
का प्यार न मिले, तो उसका विकास रुक
सकता है।
- प्यार और सुरक्षा मिलने से बच्चा आत्मविश्वासी (Confident) बनता है।
- सुरक्षा की भावना से वह डरा हुआ
महसूस नहीं करता और नई चीजें सीखने की हिम्मत करता है।
- संवेगात्मक रूप से उपेक्षित बच्चे
अक्सर आक्रामक या अवसादग्रस्त (Depressed) हो जाते हैं।
प्रश्न
2: संयुक्त
राष्ट्र बाल अधिकार समझौते (UNCRC) के
अनुसार बच्चों के अधिकारों के वर्गीकरण की व्याख्या करें। (V.
Important)
उत्तर:
संयुक्त राष्ट्र (UN)
ने 1989 में
बाल अधिकारों की घोषणा की, जिसे
भारत ने 1992 में अपनाया।
इसे 4 श्रेणियों में बांटा गया है:
1.
जीवन का अधिकार (Survival): इसमें
जन्म लेने, जीवित रहने,
नाम और राष्ट्रीयता पाने,
और अच्छा स्वास्थ्य व पोषण पाने का अधिकार शामिल
है।
2.
विकास का अधिकार (Development): हर
बच्चे को शिक्षा पाने, खेलने-कूदने
और अपने हुनर को विकसित करने का हक है।
3.
संरक्षण का अधिकार (Protection): बच्चों
को बाल मजदूरी, शारीरिक/यौन शोषण,
नशीली दवाओं और उपेक्षा से बचाने का अधिकार।
4.
सहभागिता का अधिकार (Participation): बच्चों
को अपनी राय व्यक्त करने की आजादी होनी चाहिए। परिवार या समाज के फैसलों में उनकी
बात सुनी जानी चाहिए।
प्रश्न
3: "खेलना
बच्चे का अधिकार है।" इस कथन पर टिप्पणी करें।
उत्तर:
अक्सर लोग खेल को समय की बर्बादी मानते हैं,
लेकिन UNCRC के
अनुसार, खेलना 'विकास
के अधिकार' का हिस्सा है।
- खेलने से बच्चे का शरीर मजबूत होता
है।
- वह दोस्त बनाना और नियम पालन करना
सीखता है।
- खेलते समय बच्चा तनावमुक्त रहता है।
इसलिए, माता-पिता और सरकार की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के लिए पार्क और खेल के अवसर उपलब्ध कराएं।
भाग
3: 50 अति
आवश्यक वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Top 50 One-Liners)
खंड
A: आवश्यकताएं
(Needs)
1.
बच्चे की सबसे पहली
आवश्यकता क्या है? – शारीरिक
आवश्यकता (भोजन/जीवन)
2.
प्रेम और स्नेह कैसी
आवश्यकता है? – संवेगात्मक
(Emotional)
3.
टीकाकरण (Vaccination)
किस आवश्यकता को पूरा करता है?
– स्वास्थ्य/शारीरिक
4.
बच्चे से बातें करना
और कहानी सुनाना किस आवश्यकता को पूरा करता है? – संज्ञानात्मक/मानसिक
5.
क्या बच्चे को 'सम्मान'
की जरूरत होती है? – हाँ
(आत्म-सम्मान की आवश्यकता)
6.
यदि बच्चे को पौष्टिक
खाना न मिले, तो किस आवश्यकता का
हनन हुआ? – शारीरिक
7.
"उद्दीपन"
(Stimulation) का संबंध किस विकास
से है? – संज्ञानात्मक विकास
8.
क्या आश्रय (Shelter)
एक मूलभूत आवश्यकता है?
– हाँ
9.
बच्चे को
"सुरक्षा" (Security) का
अहसास कौन दिलाता है? – माता-पिता
और परिवार
10.
बच्चे की जिज्ञासा (Curiosity)
को शांत करना कौन सी जरूरत है?
– शैक्षिक/मानसिक
11.
नवजात शिशु की मुख्य
संवेगात्मक आवश्यकता क्या है? – माँ
का स्पर्श और प्यार
12.
"खेल"
बच्चे की किस प्रकार की आवश्यकता है? – विकासात्मक
(Developmental)
13.
नींद और विश्राम किस
वर्ग में आते हैं? – शारीरिक
आवश्यकता
14.
बच्चे की प्रशंसा
करना किस आवश्यकता को पूरा करता है? – मनोवैज्ञानिक
(प्रोत्साहन)
15.
बच्चे का सर्वांगीण
विकास कब संभव है? – जब
सभी आवश्यकताएं (शारीरिक, मानसिक,
संवेगात्मक) पूरी हों
खंड
B: बाल
अधिकार (Child Rights - UNCRC)
16. UNCRC का पूरा नाम क्या है?
– United Nations Convention on the Rights of the Child (संयुक्त
राष्ट्र बाल अधिकार समझौता)
17. UNCRC को कब अपनाया गया? – 1989
में
18. भारत ने UNCRC पर
कब हस्ताक्षर किए (अनुसमर्थन किया)? – 1992 में
19. बाल अधिकारों को मुख्य रूप से कितने भागों में
बांटा गया है? – 4 भागों
में
20. "जीने का अधिकार" (Right
to Life) किस श्रेणी में आता है?
– उत्तरजीविता का अधिकार (Right
to Survival)
21. "शिक्षा का अधिकार" किस श्रेणी में आता है?
– विकास का अधिकार (Right
to Development)
22. "बाल श्रम से सुरक्षा" किस श्रेणी में आता
है? – संरक्षण का अधिकार (Right
to Protection)
23. "अपनी राय व्यक्त करना" किस श्रेणी में आता
है? – सहभागिता का अधिकार (Right
to Participation)
24. "नाम और राष्ट्रीयता" पाने का अधिकार कौन सा
अधिकार है? – उत्तरजीविता/पहचान
का अधिकार
25. क्या खेलना बच्चे का कानूनी अधिकार है?
– हाँ (UNCRC के
अनुसार)
26. "अक्षम/दिव्यांग बच्चों की विशेष देखभाल"
कौन सा अधिकार है? – विकास
और संरक्षण का अधिकार
27. बच्चे को मारना-पीटना किस अधिकार का उल्लंघन है?
– संरक्षण का अधिकार
28. युद्ध या आपदा के समय बच्चे को पहले बचाना कौन
सा अधिकार है? – संरक्षण
का अधिकार
29. बच्चे की गोपनीयता (Privacy)
का अधिकार किसमें आता है?
– सहभागिता/संरक्षण
30. "सूचना पाने का अधिकार" (बच्चों के लिए उचित
जानकारी) किस वर्ग में है? – सहभागिता/विकास
खंड
C: भारतीय
कानून और योजनाएं
31. भारत में "शिक्षा का अधिकार अधिनियम"
(RTE Act) कब लागू हुआ?
– 1 अप्रैल 2010
(अधिनियम 2009 में
बना)
32. RTE के तहत मुफ्त शिक्षा किस आयु वर्ग के लिए है?
– 6 से 14
वर्ष
33. भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद बाल श्रम (14
वर्ष से कम) को रोकता है?
– अनुच्छेद 24
34. ICDS (आंगनवाड़ी) बच्चों का कौन सा अधिकार पूरा करती
है? – उत्तरजीविता (भोजन)
और विकास (पूर्व-स्कूल शिक्षा)
35. POCSO Act (पॉक्सो एक्ट) किससे संबंधित है?
– यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण
36. भारत में बाल विवाह कानूनी है या गैर-कानूनी?
– गैर-कानूनी
37. बचपन बचाओ आंदोलन से कौन जुड़े हैं?
– कैलाश सत्यार्थी (नोबेल विजेता)
38. UNICEF का मुख्य कार्य क्या है?
– दुनिया भर में बच्चों के अधिकारों और कल्याण की
रक्षा करना
39. "मिड-डे मील" योजना किस अधिकार को पूरा करती
है? – पोषण (उत्तरजीविता)
और शिक्षा (विकास)
40. भारत में लड़की की शादी की न्यूनतम कानूनी उम्र
क्या है? – 18 वर्ष
(वर्तमान कानून के अनुसार)
खंड
D: विविध
(Miscellaneous)
41. अधिकार और आवश्यकता में क्या अंतर है?
– आवश्यकता 'जरूरत'
है, अधिकार
'कानूनी हक'
है।
42. "बच्चे आज के नागरिक हैं" - यह कथन अधिकारों
के किस पहलू को दर्शाता है? – सहभागिता
43. बाल दुर्व्यवहार (Child
Abuse) के कितने प्रकार हैं?
– शारीरिक, यौन,
भावनात्मक और उपेक्षा
44. उपेक्षा (Neglect) का
क्या अर्थ है? – बच्चे
की बुनियादी जरूरतों (खाना, प्यार)
को जानबूझकर पूरा न करना
45. क्या गरीब माता-पिता द्वारा बच्चे को स्कूल न
भेज पाना अपराध है? – RTE के
तहत यह माता-पिता का कर्तव्य और राज्य की जिम्मेदारी है।
46. "कुपोषण" (Malnutrition)
किस अधिकार का हनन है?
– उत्तरजीविता (Right
to Survival)
47. बच्चे के अधिकारों का प्राथमिक रक्षक (Primary
Guardian) कौन है? – माता-पिता
48. अगर माता-पिता रक्षक न होकर भक्षक बन जाएं,
तो जिम्मेदारी किसकी है?
– राज्य/सरकार की
49. बाल हेल्पलाइन नंबर (भारत में) क्या है?
– 1098
50. DECE छात्र के रूप में आपका कर्तव्य क्या है?
– अभिभावकों को बाल अधिकारों के प्रति जागरूक करना
DECE-1:
खंड 1 - इकाई
5
विषय: विकास में खेल का महत्व
भाग
1: विस्तृत
और सरल नोट्स (Detailed Notes)
अक्सर
बड़ों को लगता है कि "खेलना" मतलब समय बर्बाद करना है,
लेकिन बच्चों के लिए "खेल
ही उनका काम है"। बच्चे खेल-खेल में
ही दुनिया को समझते हैं।
1.
खेल क्या है?
(What is Play?)
खेल
की परिभाषा इन मुख्य बिंदुओं से समझी जा सकती है:
- आनंददायी: खेल से बच्चे को खुशी मिलती है। अगर खुशी नहीं मिल रही,
तो वह खेल नहीं है।
- स्वेच्छा से (Voluntary): बच्चा अपनी मर्जी से खेलता है,
किसी के दबाव में नहीं।
- प्रक्रिया
महत्वपूर्ण है, परिणाम
नहीं: बच्चा
रेत का घर बनाता है और तोड़ देता है। उसे घर बनाने में मज़ा आता है,
उसे सहेज कर रखने की चिंता नहीं होती।
- सक्रिय
भागीदारी: बच्चा
इसमें शारीरिक या मानसिक रूप से पूरी तरह शामिल होता है।
2.
खेल और कार्य में अंतर (Difference
between Play and Work)
- खेल: इसमें मज़ा (Enjoyment) मुख्य है। कोई बाहरी लक्ष्य नहीं होता (जैसे पैसे कमाना
या ग्रेड लाना)।
- कार्य: इसमें परिणाम (Result) मुख्य है। यह अक्सर किसी बाहरी उद्देश्य के लिए किया
जाता है और कभी-कभी उबाऊ भी हो सकता है।
3.
खेल के माध्यम से विकास (Development
through Play)
खेल
से बच्चे का 'सर्वांगीण विकास'
होता है:
- क. शारीरिक
विकास: दौड़ना,
कूदना, पेड़ पर चढ़ना (स्थूल क्रियात्मक) और माला पिरोना,
ब्लॉक जोड़ना (सूक्ष्म क्रियात्मक) से
मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
- ख. संज्ञानात्मक
(मानसिक) विकास: जब
बच्चा 'घर-घर'
खेलता है या पहेली जोड़ता है,
तो वह सोचना, याद रखना और समस्याओं को सुलझाना सीखता है। वह 'बड़ा-छोटा', 'हल्का-भारी' जैसी अवधारणाएं खेल में सीखता है।
- ग. सामाजिक
विकास: समूह
में खेलते समय बच्चा अपनी बारी का इंतज़ार करना,
खिलौने बांटना (Sharing),
और नियम मानना सीखता है। हार-जीत को
स्वीकारना भी खेल सिखाता है।
- घ. संवेगात्मक
विकास: खेल
में बच्चा अपनी भावनाओं (गुस्सा, डर, खुशी)
को बाहर निकालता है। जैसे- गुड़िया को डांटकर वह अपना गुस्सा शांत कर सकता
है।
- ङ. भाषाई विकास: खेलते समय बच्चे आपस में खूब बातें करते हैं,
जिससे उनकी शब्दावली बढ़ती है।
4.
खेल के प्रकार (Types
of Play)
1.
मुक्त खेल (Free
Play): बच्चा अपनी
मर्जी से कुछ भी खेले। कोई नियम नहीं। (जैसे- मिट्टी में खेलना)।
2.
संरचित खेल (Structured
Play): इसमें नियम
होते हैं या कोई बड़ा व्यक्ति निर्देश देता है। (जैसे- लूडो,
अंताक्षरी)।
3.
बाहरी खेल (Outdoor): मैदान
में खेले जाने वाले (क्रिकेट, पकड़म-पकड़ाई)।
4.
भीतरी खेल (Indoor): घर
के अंदर (कैरम, गुड़िया का खेल)।
5.
समांतर खेल (Parallel
Play): जब दो बच्चे
पास-पास बैठे खेल रहे हों, लेकिन
एक-दूसरे के साथ नहीं। (छोटे बच्चों में यह आम है)।
6.
सहयोगात्मक खेल (Cooperative
Play): जब बच्चे
मिलजुल कर एक लक्ष्य के लिए खेलते हैं।
भाग
2: महत्वपूर्ण
प्रश्न एवं उत्तर (PYQ - Subjective)
(ये
प्रश्न परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं)
प्रश्न
1: "खेल
बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक है।" इस कथन की पुष्टि उदाहरण सहित
कीजिए। (V. Important - 10 Marks)
उत्तर:
खेल बच्चों के जीवन का अभिन्न अंग है। इसके
माध्यम से विकास के सभी क्षेत्र प्रभावित होते हैं:
1.
शारीरिक विकास: जब
बच्चा गेंद के पीछे भागता है या रस्सी कूदता है, तो
उसका शरीर स्वस्थ बनता है और भूख बढ़ती है।
2.
संज्ञानात्मक विकास: जब
बच्चा लकड़ी के ब्लॉक से मीनार बनाता है, तो
वह संतुलन (Balance) और
आकार (Size) के बारे में
सीखता है। यदि मीनार गिर जाए, तो
वह दोबारा कोशिश करता है, जिससे
समस्या समाधान क्षमता बढ़ती है।
3.
सामाजिक विकास: 'पकड़म-पकड़ाई'
खेलते समय बच्चे सीखते हैं कि नियम सबके लिए
बराबर हैं और बेईमानी नहीं करनी चाहिए।
4.
भाषाई विकास: 'डॉक्टर-डॉक्टर'
खेलते समय बच्चा डॉक्टर की तरह बात करता है,
जिससे उसकी भाषा सुधरती है।
प्रश्न
2: खेल
और कार्य में क्या अंतर है? स्पष्ट
करें।
उत्तर:
| आधार | खेल
(Play) | कार्य (Work)
| उद्देश्य | इसका
उद्देश्य केवल 'आनंद'
प्राप्त करना है। |
इसका उद्देश्य कोई 'परिणाम'
या 'लाभ'
प्राप्त करना है। |
| प्रेरणा | यह
आंतरिक खुशी के लिए किया जाता है। | यह
अक्सर बाहरी दबाव या जरूरत के लिए किया जाता है। |
| फोकस | प्रक्रिया
(Process) पर ध्यान होता है। |
परिणाम (Result/Product) पर
ध्यान होता है। |
| स्वतंत्रता | बच्चा
अपनी मर्जी से नियम बदल सकता है। | इसमें
नियम निश्चित होते हैं, पालन
करना जरूरी है। |
प्रश्न
3: बच्चे
के खेल में माता-पिता/शिक्षक की क्या भूमिका होनी चाहिए?
उत्तर:
बड़ों को खेल में बाधा नहीं डालनी चाहिए,
बल्कि 'सुविधादाता'
(Facilitator) बनना चाहिए:
1.
सामग्री उपलब्ध
कराना: बच्चों को
सुरक्षित खिलौने या घर का बेकार सामान (डिब्बे, कपड़े)
देना।
2.
जगह देना: खेलने
के लिए सुरक्षित स्थान देना।
3.
पर्यवेक्षण (Supervision): दूर
से निगरानी रखना ताकि बच्चे को चोट न लगे।
4.
प्रोत्साहन: कभी-कभी
खेल में शामिल होकर बच्चों का उत्साह बढ़ाना, लेकिन
खेल को हाईजैक (नियंत्रित) नहीं करना चाहिए।
भाग
3: 50 अति
आवश्यक वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Top 50 One-Liners)
खंड
A: खेल
की परिभाषा और प्रकृति
1.
खेल का सबसे मुख्य
लक्षण क्या है? – आनंद/खुशी
(Enjoyment)
2.
क्या खेल के लिए
महंगे खिलौने जरूरी हैं? – नहीं
3.
"खेल
बच्चे का कार्य है" - यह किसने माना है? – मारिया
मोंटेसरी और अन्य शिक्षाविदों ने
4.
खेल स्वैच्छिक होता
है या दबावपूर्ण? – स्वैच्छिक
(Voluntary)
5.
खेल में महत्वपूर्ण
क्या है - जीतना या खेलना? – खेलना
(प्रक्रिया)
6.
कार्य (Work)
का मुख्य केंद्र क्या होता है?
– परिणाम (Result)
7.
क्या पढ़ाई को खेल के
माध्यम से मजेदार बनाया जा सकता है? – हाँ
(Play-way method)
8.
बच्चा सबसे अधिक
एकाग्रता (Concentration) कब
दिखाता है? – खेलते
समय
9.
क्या दिवास्वप्न (Day
dreaming) भी एक प्रकार का खेल है?
– हाँ, मानसिक
खेल
10.
बच्चे के लिए
"खाली डिब्बे" से खेलना क्या है? – सृजनात्मक
खेल (Creative Play)
खंड
B: खेल
और विकास (Development)
11. भागना-दौड़ना किस विकास में मदद करता है?
– स्थूल क्रियात्मक (Gross
Motor)
12. सुई-धागा या मोती पिरोना किस विकास में मदद करता
है? – सूक्ष्म क्रियात्मक (Fine
Motor)
13. लूडो या सांप-सीढ़ी खेलने से क्या विकसित होता
है? – नियम पालन और गणितीय
समझ
14. "घर-घर" खेलना किसका उदाहरण है?
– कल्पनात्मक/अभिनय खेल (Dramatic
Play)
15. समूह में खेलने से कौन सा विकास होता है?
– सामाजिक विकास
16. हारने पर गुस्सा न करना बच्चा कहाँ सीखता है?
– खेल के मैदान में
17. पहेलियाँ (Puzzles) सुलझाना
किस विकास को बढ़ाता है? – संज्ञानात्मक
(Cognitive)
18. बच्चे का "बड़बड़ाना" या खुद से बात
करना खेलते समय क्या दर्शाता है? – भाषाई
विकास
19. मिट्टी के खिलौने बनाना क्या है?
– रचनात्मकता (Creativity)
और सूक्ष्म कौशल
20. तनाव और डर को दूर करने के लिए कौन सा माध्यम
सबसे अच्छा है? – खेल
खंड
C: खेल
के प्रकार (Types of Play)
21. जब बच्चा अकेला खेलता है,
उसे क्या कहते हैं?
– एकाकी खेल (Solitary
Play)
22. जब बच्चे पास-पास खेलते हैं पर साथ नहीं,
उसे क्या कहते हैं?
– समांतर खेल (Parallel
Play)
23. जब बच्चे मिलजुल कर एक लक्ष्य के लिए खेलते हैं,
उसे क्या कहते हैं?
– सहयोगात्मक खेल (Cooperative
Play)
24. शैशवावस्था (0-2 वर्ष)
में कौन सा खेल अधिक होता है? – एकाकी
और संवेदी (Sensory) खेल
25. 3-4 साल के बच्चों में कौन सा खेल आम है?
– समांतर खेल
26. नियम वाले खेल (Games with
rules) किस उम्र में आते हैं?
– स्कूल जाने की उम्र (6+
वर्ष) में
27. खुले मैदान में खेलना कैसा खेल है?
– बाहरी खेल (Outdoor
Play)
28. "लुका-छिपी" कैसा खेल है?
– नियमबद्ध और सामाजिक खेल
29. गुड़िया या टेडी बियर से बातें करना कैसा खेल है?
– काल्पनिक खेल
30. क्या वीडियो गेम खेलना बाहरी खेलों का विकल्प हो
सकता है? – नहीं,
क्योंकि इसमें शारीरिक व्यायाम नहीं होता
खंड
D: खिलौने
और सामग्री
31. क्या घरेलू सामान (जैसे- बर्तन,
चम्मच) खिलौने हो सकते हैं?
– हाँ, बिल्कुल
32. 6 महीने के बच्चे के लिए सबसे अच्छा खिलौना क्या
है? – झुनझुना (Rattle)
या रंगीन लटकन
33. 3 साल के बच्चे के लिए अच्छा खिलौना?
– ब्लॉक्स, ट्राई-साइकिल,
गुड़िया
34. खिलौने कैसे होने चाहिए?
– सुरक्षित, विष-मुक्त
(Non-toxic) और
बिना तीखे किनारों वाले
35. क्या बच्चे को बहुत सारे खिलौने एक साथ देने
चाहिए? – नहीं,
इससे वह कंफ्यूज हो सकता है
36. "रेत और पानी" का खेल बच्चे को क्या सिखाता
है? – मात्रा और माप (Volume
and Measure)
37. फटने वाली या छोटी चीजों (जैसे कंचे) से किसे
दूर रखना चाहिए? – छोटे
बच्चों (3 साल
से कम) को
38. गुड़िया का खेल (Doll play) केवल
लड़कियों के लिए है - यह सोच क्या है? – लैंगिक
रूढ़िवादिता
39. क्या लड़कों को गुड़िया से खेलने देना चाहिए?
– हाँ, इससे
उनमें संवेदनशीलता (Caring nature) आती
है
40. शैक्षिक खिलौने (Educational
Toys) क्या हैं? – जो
कुछ सिखाते हैं (जैसे अक्षर वाले ब्लॉक)
खंड
E: शिक्षक/पालक
की भूमिका
41. शिक्षक को खेल के दौरान क्या करना चाहिए?
– निरीक्षण (Observe)
और मार्गदर्शन
42. क्या खेल में जबरदस्ती नियम थोपने चाहिए?
– नहीं, इससे
खेल का आनंद खत्म हो जाता है
43. अगर बच्चे लड़ रहे हों,
तो क्या करना चाहिए?
– हस्तक्षेप करके सुलझाना चाहिए
44. "खेल विधि" (Play way
method) का उपयोग कहाँ होता है?
– प्री-स्कूल शिक्षा में
45. बच्चे के खेल के लिए सबसे जरूरी संसाधन क्या है?
– समय और स्थान
46. क्या टीवी देखना सक्रिय खेल है?
– नहीं, यह
निष्क्रिय (Passive) गतिविधि
है
47. बच्चे को जीतने के लिए नहीं,
बल्कि किसके लिए प्रेरित करना चाहिए?
– भाग लेने (Participation)
के लिए
48. खेल चिकित्सा (Play Therapy)
किसके लिए प्रयोग होती है?
– भावनात्मक रूप से परेशान बच्चों के लिए
49. पारंपरिक खेल (जैसे- खो-खो,
कबड्डी) क्यों अच्छे हैं?
– ये हमारी संस्कृति सिखाते हैं और शारीरिक रूप से
अच्छे हैं
50. DECE प्रोजेक्ट (DECE-4) में
आपको बच्चों के साथ क्या करना है? – खेल
क्रियाएँ (Play Activities) करवानी
हैं